हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात पर प्रतिबंध समाप्त
चर्चा में क्यों?
हाल ही में भारत सरकार ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (Hydroxychloroquine- HCQ) के निर्यात पर लगाए गए अपने पूर्व के प्रतिबंध को समाप्त कर इसके निर्यात की अनुमति दे दी है।
मुख्य बिंदु:
- भारत सरकार ने 7 अप्रैल, 2020 को मलेरिया के उपचार में प्रयोग की जाने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के साथ कुछ अन्य दवाओं के निर्यात की अनुमति दे दी है।
- विदेश मंत्रालय के अनुसार, COVID-19 महामारी के मानवीय पहलुओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत भारत पर आश्रित (दवाओं के संदर्भ में) पड़ोसी देशों के लिये पैरासिटामाॅल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की उचित मात्रा को निर्यात करने की अनुमति दी गई है।
- साथ ही इन आवश्यक दवाओं को उन देशों में भी भेजा जाएगा जो इस महामारी से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं।
- केंद्र सरकार के अनुसार, वर्तमान में निर्यात के लिये स्वीकृत HCQ और अन्य दवाएँ देश में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। सरकार के इस निर्णय के तहत दवाओं के स्टॉक की स्थिति और घरेलू मांग के आधार पर ही इन दवाओं का निर्यात किया जाएगा।
- ध्यातव्य है कि 25 मार्च, 2020 को विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade- DGFT) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, HCQ को प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में डाल दिया था और 4 अप्रैल, 2020 को इस दवा के निर्यात को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
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